नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शर्टलेस प्रदर्शन ने राष्ट्रीय राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। राजधानी दिल्ली में हुए इस घटनाक्रम को लेकर भाजपा ने जहां इसे कांग्रेस नेतृत्व की सुनियोजित रणनीति बताया, वहीं अब समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी सहित अन्य दलों ने भी खुलकर नाराज़गी जताई है।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि इस तरह का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला है और इसके पीछे कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व जिम्मेदार है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है, जिससे राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने झांसी दौरे के दौरान कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन वैश्विक मंच पर ऐसा व्यवहार उचित नहीं है जिससे देश को शर्मिंदगी उठानी पड़े। वहीं बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी इसे गैर-जिम्मेदाराना कदम बताते हुए कहा कि विरोध दर्ज कराने के लोकतांत्रिक तरीके होते हैं, परंतु अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में मर्यादा का पालन जरूरी है।
कई अन्य क्षेत्रीय दलों ने भी बयान जारी कर कहा कि विरोध का अधिकार लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन उसका स्वरूप ऐसा होना चाहिए जिससे देश की प्रतिष्ठा प्रभावित न हो। इस पूरे प्रकरण ने विपक्षी एकजुटता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि विपक्ष के भीतर से ही कांग्रेस की आलोचना सामने आ रही है।
अब राजनीतिक हलकों की निगाह कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी इस विवाद को किस तरह संभालती है और आने वाले दिनों में इसका राष्ट्रीय राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ता है।

