हल्द्वानी। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के विवाद में उलझी पुलिस केवल राजनीतिक मुद्दे सुलझाने तक की सीमित रह गई है। हल्द्वानी के बहुचर्चित योग टीचर ज्योति मेर हत्याकांड का खुलासा करने में नाकाम पुलिस प्रशासन इस अमानवीय कृत्य को दबाने का प्रयास कर रही है। पुलिस की इस असफलता की जिम्मेदारी लेते हुए पुलिस कप्तान को बर्खास्त करने की मांग की जा रही है।
ज्योति मेर हत्याकांड में फरार अपराधियों को पकड़ने को लेकर पहाड़ी आर्मी का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाया। कविता जीना और हेमा कबाड़वाल ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की तरह इस मामले में भी वीआईपी अपराधी को संरक्षण दिया जा रहा है। संगठन के जिला महामंत्री राजेश कांडपाल ने कहा कि पुलिस 19 दिन जीतने के बाद भी हथियारों को पकड़ने में असमर्थ है।
गौरतलब है कि योगा टीचर ज्योति मीर हत्याकांड का 19 दिन भी जाने के बाद भी खुलासा नहीं हो सकता है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पहाड़ी आर्मी का बुद्ध पार्क में धरना किसी दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि जिले में गुंडाराज कायम है और पुलिस प्रशासन पूरी तरह से फेल साबित हो रहा है। संगठन के अध्यक्ष हरीश रावत ने जल्द मामले का खुलासा नहीं होने पर जेल भरो आंदोलन की चेतावनी दी है। मामले को लेकर एसपी सिटी प्रकाश चंद ने भरोसा दिलाया है कि दो दिन के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

