चंपावत। लोहाघाट विकासखंड के गांवों में गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटनाक्रम में ठांटा गांव में गुलदार ने एक महिला पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। इससे पहले मंगोली गांव और च्यूरानी के धरगड़ा गांव में गुलदार दो लोगों की जान ले चुका है। ताजा घटना के बाद एक बार फिर क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से गुलदार को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाने की मांग की है।
गुमदेश क्षेत्र की ग्राम पंचायत ठांटा की अनुसूचित बस्ती में शनिवार देर रात करीब 9:30 बजे रेनू देवी (32) पत्नी दीपक राम गोशाला में पशुओं को चारा डाल रही थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें आंगन से लगभग तीन खेत नीचे फेंक दिया। महिला की चीख-पुकार सुनकर स्वजन और आस-पड़ोस के लोग बाहर निकले और शोरगुल शुरू किया। लोगों की आवाज सुनकर गुलदार महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया।
हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों ने उन्हें उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार चल रहा है। ग्राम प्रधान मोहित पाठक ने बताया कि घटना के बाद क्षेत्र में भय का माहौल है। ग्रामीणों शंकर राम, भवान राम, प्रकाश राम, भवानी दत्त, महेश चंद्र, पीतांबर योगदत्त समेत अन्य लोगों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से तत्काल गांव में पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि इंसानों पर हमला कर चुका गुलदार किसी भी समय बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है। उल्लेखनीय है कि लोहाघाट और बाराकोट ब्लॉक के गांवों में बीते दो माह से गुलदार का आतंक बना हुआ है। एक माह के भीतर गुलदार दो लोगों की जान ले चुका है, जबकि 15 से अधिक मवेशियों को भी अपना शिकार बना चुका है। कई गांवों में दिनदहाड़े गुलदार दिखाई दे रहा है। वन विभाग अब तक एक गुलदार को पिंजरे में कैद कर चुका है, जबकि एक को ट्रेंकुलाइज किया जा चुका है।
रेंजर एन.डी. पांडेय ने बताया कि ठांटा गांव में महिला पर गुलदार के हमले की सूचना मिलते ही विभागीय टीम गांव भेज दी गई है। महिला का इलाज लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में चल रहा है। जल्द ही गांव में पिंजरा लगाया जाएगा और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

