नेपाल की सियासत में भूचाल, वोटिंग उम्र अब 16 साल

Spread the love

हल्द्वानी। नेपाल की राजनीति इन दिनों बड़े फैसलों और विवादों के बीच घिरी हुई है। अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की की अगुवाई में हुई कैबिनेट बैठक ने नई हलचल मचा दी है। बैठक में गृहमंत्री ओमप्रकाश अर्याल ने प्रस्ताव रखा कि पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक सहित कई नेताओं के पासपोर्ट सस्पेंड किए जाएं। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा और उनकी पत्नी आरजू देउवा के विदेश जाने पर रोक लगाने की सिफारिश भी की गई।

बैठक में यह भी तय हुआ कि पिछली ओली सरकार के मंत्रियों और अन्य दलों के बड़े नेताओं की गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जाए। जांच का जिम्मा डिपार्टमेंट ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एंड इन्वेस्टमेंट को सौंपा गया है। देउवा दंपति के घर से मिले करोड़ों रुपए के जले नोटों और पूर्व ऊर्जा मंत्री दीपक खड़का के खिलाफ कार्रवाई भी इसी जांच का हिस्सा होगी।

देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री कार्की ने कहा कि नेपाल कठिन सियासी हालात से गुजर रहा है, लेकिन इससे उबरने के लिए सरकार ने आम चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग के साथ मिलकर जनशक्ति, बजट, सुरक्षा और कानूनी प्रक्रियाओं पर काम हो रहा है।

सबसे अहम बदलाव यह है कि नेपाल में अब वोटिंग की उम्र 18 से घटाकर 16 वर्ष कर दी गई है। कार्की ने युवाओं से अपील की कि वे जोश के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिस्सा लें और ऐसे प्रतिनिधि चुनें जो उनकी नई सोच और ख्वाहिशों को आगे बढ़ा सकें।