धाकड़’ नहीं, ‘धुरंधर’ धामी: हल्द्वानी से 2027 का बिगुल, विकास बनाम विपक्ष की राजनीति”
हल्द्वानी की ऐतिहासिक जनसभा में उमड़ी अभूतपूर्व भीड़ के बीच जो संदेश उभरा, वह केवल एक राजनीतिक भाषण भर नहीं…
हल्द्वानी की ऐतिहासिक जनसभा में उमड़ी अभूतपूर्व भीड़ के बीच जो संदेश उभरा, वह केवल एक राजनीतिक भाषण भर नहीं…
बिहार की राजनीति दशकों से व्यक्तित्व, सामाजिक समीकरण और गठबंधन की जटिल परंपरा के बीच विकसित होती रही है। कभी…
भारत में होली केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, उल्लास और परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। पौराणिक कथाओं में…
हल्द्वानी के बनभूलपुरा रेलवे भूमि प्रकरण ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि विकास, कानून और…
तमिलनाडु के तिरुपुर से छह कथित बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी ने एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा, अवैध प्रवास और राज्यों…
नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शर्टलेस प्रदर्शन ने राष्ट्रीय राजनीति में नया…
देश में होने वाली हर जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं होती, बल्कि यह भविष्य की नीतियों की दिशा तय…
बांग्लादेश में 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन ने दक्षिण एशियाई राजनीति को नई चर्चा दे दी है।…
धर्मनगरी के रूप में विख्यात हरिद्वार से हाल ही में सामने आई एक घटना ने समाज को आईना दिखाने का…
साल 2026 की जनगणना सिर्फ एक सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी आत्म–जांच है। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी और…