ममता बनर्जी के डांडिया पर बवाल, भाजपा ने कहा- “इतना असंवेदनशील कैसे हो सकती हैं?”

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का डांडिया डांस इन दिनों सियासी विवाद का कारण बन गया है। दरअसल, कोलकाता के चक्रबेरिया में दुर्गा पूजा पंडाल के उद्घाटन के दौरान ममता बनर्जी महिलाओं के साथ डांडिया खेलती दिखीं। लेकिन यह वीडियो उस समय सामने आया, जब शहर और उपनगरों में भारी बारिश और बिजली गिरने से 10 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।

25 सेकंड का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही भाजपा ने मुख्यमंत्री पर हमला बोला। भाजपा नेता अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “बाढ़ और बिजली गिरने से 11 लोगों की मौत हुए 24 घंटे भी नहीं हुए थे और ममता बनर्जी भवानीपुर में डांडिया खेल रही थीं। कोई इतना असंवेदनशील कैसे हो सकता है? ममता बनर्जी इसकी प्रतीक हैं।”

भाजपा के आधिकारिक हैंडल से भी पोस्ट कर मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया गया। पार्टी ने कहा कि “बिजली के करंट से 10 लोगों की मौत के बाद भी मुख्यमंत्री ने शोक प्रकट करने की बजाय मौज-मस्ती करना ठीक समझा।”

तृणमूल का पलटवार: विपक्ष राजनीति कर रहा है

टीएमसी नेता कुणाल घोष ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह पहली बार है कि कोलकाता में बादल फटने जैसी स्थिति बनी। “मुख्यमंत्री के प्रयासों से नगर निगम, पुलिस और आपात विभाग ने शहर को जल्दी सामान्य किया। विपक्ष बेवजह राजनीति कर रहा है। दिल्ली, मुंबई और सूरत में बारिश होती है तो वहां क्या हालात नहीं बिगड़ते?”

खुद ममता बनर्जी ने भी कहा कि इस बार की बारिश 1978 के रिकॉर्ड से भी ज्यादा थी। “दिल्ली और मुंबई में भी हाल ही में बारिश के कारण लोगों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हमने सात घंटे के भीतर पानी निकाल दिया, जबकि वाम मोर्चा के शासनकाल में हालात दिनों-दिन बिगड़ते थे।”

त्योहारों में जोश, राजनीति में तकरार

ममता बनर्जी भवानीपुर के चक्रबेरिया क्षेत्र से विधायक हैं, जहां गैर-बंगाली समुदाय बड़ी संख्या में रहता है। यही कारण है कि वह पिछले कई वर्षों से वहां त्योहारों में शामिल होती रही हैं। कभी डांडिया तो कभी भांगड़ा में उनका उत्साह देखा गया है।

बुधवार को भी एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में वह पहले डांडिया करती दिखीं और बाद में दलेर मेहंदी के गीत पर भांगड़ा करते हुए भी नजर आईं। कार्यक्रम में उन्होंने सभी भारतीय त्योहारों को साथ मिलकर मनाने का संदेश दिया और कहा कि “सभी को अपने-अपने धर्म का पालन करने और एक-दूसरे का सम्मान करने की आज़ादी है।”

ममता ने यह भी कहा कि बंगाल भारत का प्रवेश द्वार है, जो बांग्लादेश, नेपाल और भूटान से जुड़ा है। “अगर बंगाल ठीक रहेगा तो भारत भी ठीक रहेगा। हमें शांति और एकता बनाए रखनी है।”