दो आईपीएस अधिकारियों को CAT से बड़ी राहत, प्रतिनियुक्ति आदेश पर लगाई रोक

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देहरादून। उत्तराखंड के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों नीरू गर्ग और अरुण मोहन जोशी को केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) से बड़ी राहत मिली है। CAT ने फिलहाल उनकी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से जुड़े आदेश पर रोक लगा दी है।

दरअसल, दोनों अधिकारी केंद्र सरकार द्वारा जारी प्रतिनियुक्ति आदेश के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। इससे पहले नैनीताल हाईकोर्ट से राहत न मिलने पर उन्हें CAT का रुख करने की सलाह दी गई थी।

क्या है पूरा मामला?

साल 2005 बैच की आईपीएस अधिकारी नीरू गर्ग को केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में उप महानिरीक्षक (DIG) के पद पर तैनाती दी गई थी। वहीं, आईजी रैंक के अधिकारी अरुण मोहन जोशी को सीमा सुरक्षा बल (BSF) में भेजने के आदेश जारी किए गए थे।

राज्य सरकार ने 16 फरवरी 2026 को दोनों अधिकारियों के नाम केंद्र को भेजे थे, जिसके बाद प्रतिनियुक्ति आदेश जारी हुए और उन्हें तुरंत रिलीव भी कर दिया गया।

दोनों अधिकारियों ने अपनी याचिका में दावा किया कि उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा रहा है, जो नियमों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने कभी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन नहीं किया और न ही इसके लिए सहमति दी। इसके अलावा, उन्होंने तर्क दिया कि आईजी स्तर के अधिकारी को डीआईजी पद पर भेजना एक तरह का पेशेवर “डिमोशन” है।

हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत

इस मामले में पहले नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। हालांकि, हाईकोर्ट से अधिकारियों को राहत नहीं मिली और उन्हें केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) जाने की सलाह दी गई।

CAT में अपील के बाद अधिकारियों को फिलहाल राहत मिल गई है। अधिकरण ने राज्य सरकार के प्रतिनियुक्ति आदेश पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी है।

साथ ही, राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि वह चार सप्ताह के भीतर इस मामले से जुड़े नियमों और पूरी प्रक्रिया के दस्तावेजों के साथ अपना जवाब दाखिल करे।

अब इस मामले में अगली सुनवाई CAT में होगी, जहां राज्य और केंद्र सरकार की दलीलों के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा। फिलहाल, दोनों अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रोक बनी रहेगी।