महक क्रांति से 22,750 हेक्टेयर भूमि पर एरोमैटिक खेती को मिलेगा बढ़ावा

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हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में छह प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में महक क्रांति नीति को मंजूरी दी गई। इसके पहले चरण में 91 हजार लाभार्थियों के माध्यम से 22,750 हेक्टेयर भूमि पर एरोमैटिक (सुगंधित और औषधीय पौधों की खेती है जो एसेंशियल ऑयल, फ्लेवर और फार्मास्युटिकल उत्पादों के लिए उगाई जाती है) खेती को बढ़ावा मिलेगा। डीजी सूचना बंशीधर तिवारी ने बताया कि रोमैटिक प्लांट्स पर अब सब्सिडी दी जाएगी। एक हेक्टेयर तक लगाने वालों को 80% और इससे अधिक भूमि पर 50% सब्सिडी मिलेगी।

कैबिनेट के प्रमुख निर्णय

1. महक क्रांति नीति:  अरोमैटिक खेती को बढ़ावा, 91 हजार किसानों को लाभ, अधिकतम 80% तक सब्सिडी।

2. कारागार पुनर्गठन: उत्तराखंड कारागार के ढांचे का पुनर्गठन मंजूर, 27 स्थायी पद सृजित, अन्य पद आउटसोर्सिंग से भरे जाएंगे।

3. आवास योजना:  रुद्रपुर में बन रहे 1872 ईडब्ल्यूएस भवनों के निर्माण में राज्य सरकार 27 करोड़ रुपये अतिरिक्त देगी।

4. शिक्षा विभाग में नई भर्तियां: दूरदर्शन के माध्यम से प्रसारण के लिए शिक्षा विभाग में आठ नए पद स्वीकृत, एससीईआरटी चैनल से पढ़ाई करने वाले छात्रों को लाभ।

5. शिक्षा नियमावली में संशोधन:  विशेष शिक्षा के पदों पर 17 सितंबर 2011 से मार्च 2019 तक दूरस्थ शिक्षा से डीएलएड पास युवाओं को आउटसोर्सिंग से अवसर मिलेगा। दिव्यांग से विवाह करने वालों को अब 50 हजार रुपये अनुदान मिलेगा।

6. शिक्षकों को बड़ी राहत:  सुप्रीम कोर्ट द्वारा टीईटी को अनिवार्य करने के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार पुनर्विचार याचिका दायर करेगी।

18 हजार शिक्षकों को राहत

कैबिनेट में सबसे अहम निर्णय सुप्रीम कोर्ट के टीईटी अनिवार्यता वाले आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर करने का रहा। कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 के आदेश में जिन शिक्षकों की सेवा पांच साल से अधिक शेष है, उनके लिए दो साल के भीतर टीईटी पास करना अनिवार्य किया था। इस आदेश से राज्य के लगभग 18 हजार नियमित शिक्षक और 300 शिक्षा मित्र प्रभावित हो रहे थे।

शिक्षकों का कहना था कि उनकी नियुक्ति वर्ष 2011 से पहले हुई थी, जबकि टीईटी नियम 2011 से लागू किया गया। ऐसे में उन पर इसे लागू करना अन्यायपूर्ण है। सरकार ने शिक्षकों की इस चिंता को दूर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का निर्णय लिया है।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य में 18 हजार शिक्षक टीईटी पास नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल कर उन्हें राहत दिलाने का प्रयास किया जाएगा।