नई दिल्ली/ढाका। बांग्लादेश में ‘जुलाई विद्रोह’ के प्रमुख नेता और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद देशभर में हिंसक विरोध प्रदर्शन भड़क उठे हैं। हादी ने छह दिनों तक जीवन के लिए संघर्ष करने के बाद गुरुवार रात सिंगापुर के एक अस्पताल में दम तोड़ दिया। पिछले सप्ताह ढाका में अज्ञात हमलावरों ने उन्हें सिर में गोली मार दी थी।
हादी की मौत की खबर सामने आते ही राजधानी ढाका समेत कई शहरों में गुस्साई भीड़ सड़कों पर उतर आई। प्रदर्शनकारियों ने प्रोथोम आलो और डेली स्टार जैसे प्रमुख अखबारों के कार्यालयों में तोड़फोड़ की और आगजनी की। कावरान बाजार स्थित डेली स्टार कार्यालय से चार घंटे बाद कम से कम 25 पत्रकारों को सुरक्षित निकाला गया।
प्रदर्शनकारियों ने बंगाली संस्कृति के प्रमुख केंद्र छायानाट परिसर में भी तोड़फोड़ कर आग लगा दी। इस दौरान नारेबाजी और सांप्रदायिक तनाव की स्थिति भी देखी गई। इसके अलावा, बांग्लादेश के पहले राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान के आवास पर एक बार फिर हमला किया गया।
अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए हादी की मौत पर गहरा शोक जताया और एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की। उन्होंने कहा कि हादी की हत्या में शामिल सभी दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाएगी। यूनुस ने यह भी ऐलान किया कि सरकार हादी के परिवार—उनकी पत्नी और इकलौते बच्चे—की पूरी जिम्मेदारी लेगी।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस हमले का मुख्य आरोपी फैसल करीम मसूद है, जो वारदात के बाद अवैध रूप से भारत भाग गया। अब तक पुलिस और रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने हत्या के मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें आरोपी के माता-पिता, पत्नी और अन्य सहयोगी शामिल हैं।
हादी की मौत को बांग्लादेश के राजनीतिक और लोकतांत्रिक आंदोलन के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। हालात पर काबू पाने के लिए सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

