लाल किला ब्लास्ट: जांच में हवाला नेटवर्क का खुलासा, डॉक्टरों तक पहुँची 20 लाख की टेरर फंडिंग

Spread the love

नई दिल्ली। दिल्ली के लाल किला के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में अब जांच एजेंसियों ने हवाला नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल तेज कर दी है। फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल में हवाला के जरिये टेरर फंडिंग होने के संकेत मिले हैं।

सूत्रों के अनुसार, यूनिवर्सिटी से पकड़े गए और फरार चल रहे डॉक्टरों को हवाला चैनल के माध्यम से पैसा पहुंचाया जा रहा था। खुफिया विभाग डॉक्टरों के बैंक खातों की पिछले कुछ महीनों की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री खंगाल रहा है।

जांच का फोकस: डॉक्टर उमर, मुजम्मिल और शाहीन

एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक डॉक्टर उमर, मुजम्मिल और शाहीन के बैंक ट्रांजेक्शन जांच के दायरे में हैं। शुरुआती जांच में एजेंसियों को करीब 20 लाख रुपये की संदिग्ध फंडिंग के सबूत मिले हैं। आशंका है कि यह रकम जैश-e-मोहम्मद के हैंडलर से हवाला के जरिए भेजी गई है।

फर्टिलाइज़र पर खर्च हुए 3 लाख रुपये

खुफिया सूत्रों ने बताया कि करीब 3 लाख रुपये अमोनियम नाइट्रेट व अन्य फर्टिलाइज़र खरीदने में खर्च किए गए थे। पैसों को लेकर डॉक्टर उमर और डॉक्टर शाहीन के बीच विवाद होने की जानकारी भी सामने आई है, जिसकी अहम लीड एजेंसियों को मुजम्मिल से मिली है।

मेवात के एजेंट के जरिए फंडिंग

जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी मेवात के एक एजेंट के संपर्क में थे, जो हवाला नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। सबसे पहले एजेंट का संपर्क डॉक्टर शाहीन से हुआ, फिर मुजम्मिल और कुछ दिन पहले डॉक्टर उमर से भी एजेंट की मुलाकात हुई। यही एजेंट हवाला चैनल से आने वाले रुपये आतंकी मॉड्यूल तक पहुंचाता था।

फंडिंग का इस्तेमाल: लॉजिस्टिक्स से लेकर ब्लास्ट तक

सूत्रों के अनुसार, आतंकी मॉड्यूल द्वारा इस्तेमाल की गई टेरर फंडिंग लॉजिस्टिक्स से लेकर ब्लास्ट की पूरी तैयारी में खर्च की जाती थी। एक अधिकारी ने बताया कि लाल किला धमाके से पहले अमोनियम नाइट्रेट, ब्लास्ट में इस्तेमाल कार, और अन्य विस्फोटक सामग्री की खरीदारी इसी फंडिंग से की गई थी।