नई दिल्ली। एशिया कप 2025 में पाकिस्तान की धमकी महज 70 मिनट भी नहीं चली। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने रेफरी बदलने और भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव पर जुर्माना लगाने की मांग की, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने दोनों ही मांगों को खारिज कर दिया। आखिरकार PCB को बैकफुट पर आना पड़ा और टीम को मैदान में उतारना पड़ा।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की मांगे
- पहली शर्त: मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट को हटाकर रिची रिचर्डसन को नियुक्त किया जाए। आरोप—पायक्रॉफ्ट ने भारत-पाक मैच में पक्षपात किया।
- दूसरी शर्त: सूर्यकुमार यादव पर राजनीतिक टिप्पणी के लिए जुर्माना लगाया जाए।
- PCB ने ऐलान किया था कि जब तक ये दोनों मांगें पूरी नहीं होतीं, टीम यूनाइटेड स्टेट अमीरात के खिलाफ मैदान पर नहीं उतरेगी।
70 मिनट का हाई-वोल्टेज ड्रामा
- शाम 6:00 बजे: पाक टीम होटल से निकलने को तैयार, बस में सामान लोड।
- 6:10 बजे: खिलाड़ियों को होटल से बाहर निकलने से रोका गया।
- 6:40 बजे: पाकिस्तान क्रिकेट बर्ड चीफ मोहसिन नकवी और रमीज राजा की आपात बैठक।
- 7:00 बजे: संकेत मिला कि टीम को मैदान भेजा जाएगा।
- 7:10 बजे: पाक टीम आखिरकार स्टेडियम के लिए रवाना हो गई।
- ICC ने PCB की एक भी मांग नहीं मानी।
क्यों बैकफुट पर आया पाकिस्तान?
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, एशिया कप से हटने पर PCB को 16 मिलियन डॉलर (करीब ₹141 करोड़) का नुकसान होता। PCB का वार्षिक बजट लगभग 227 मिलियन डॉलर है, यानी यह घाटा सीधे 7% बजट को खत्म कर देता। इतनी बड़ी आर्थिक चोट से बचने के लिए PCB को “इज्जत से ज्यादा पैसे” को चुनना पड़ा।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को लेकर अक्सर कहा जाता है कि यह सरकार की कठपुतली है। पाकिस्तान क्रिकेट बर्ड के चेयरमैन की नियुक्ति प्रधानमंत्री द्वारा की जाती है। बोर्ड के कई सदस्य और ऑडिट कमेटी भी सरकार के इशारे पर कम करते हैं। प्रधानमंत्री के पास पूरे बोर्ड को भंग करने का अधिकार है। यानी PCB के फैसले क्रिकेट से ज्यादा राजनीति से प्रभावित होते हैं।
मैदान पर पाकिस्तान ने UAE को 41 रनों से हराकर सुपर-4 में जगह बनाई और भारत से भिड़ने का मौका हासिल किया। मगर मैच से पहले का 70 मिनट का ड्रामा PCB की छवि पर गहरी चोट छोड़ गया।

